थोड़ा इश्क़ मुझे भी हुआ था कभी...
थोड़ा इश्क़ मुझे भी हुआ था कभी... थोड़ा इश्क़ मुझे भी हुआ था कभी, जब तेरी नज़रों ने छुआ था मुझे। बात उन दिनों की है, जब आँखों ने इशारों से कुछ कहा था, और दिल से दिल की बात हुई थी कभी। कभी तुम अपने से लगे थे, थोड़ा इश्क़ मुझे भी हुआ था कभी। बात उन दिनों की है, जब ख़्वाबों में आना-जाना था तुम्हारा, कुछ वादे अनकहे से हुए थे तेरे-मेरे बीच। सजी थी महफ़िल तन्हाइयों में, रात के इशारे... कभी उतर आया था चाँद ज़मीन पे, थोड़ा इश्क़ हुआ था... मुझे भी कभी।