"कहीं दूर एक कहानी बुनी जा रही है"
" कहीं दूर एक कहानी बुनी जा रही है" कहीं दूर एक कहानी बुनी जा रही है , प्रेम के आलिंगन में , नैनों से नैनों की अठखेलियों में , और दिल में जज्बातों की उठती लहरों में। जैसे माला में पिरोये मोतियों की तरह छोटे-छोटे सपने , पंख लगा कर खुले आंसमा में उड़ता ये बावरा मन । बस उड़ता ही चला जाता है दूर , कहीं दूर एक कहानी बुनी जा रही है। धूप में छांव का एहसास , शाम ढले चाँद का छत पर आ जाना , सर्दी की गुलाबी ठंढ , गर्मी की सुहानी शाम , बसंत में मन को ललचाती बसंती हवा , सावन में हलकी बरसात की बूँदें तन-मन को भिगोती और प्रेम के अनकहे , अनछुए पहलुओं को एहसास कराती हैं। दूर कहीं दूर एक कहानी बुनी जा रही हैं । कहीं दूर एक कहानी बुनी जा रही है , खूबसूरत सपनों की एक जाल , जो शब्दों में बुनी जा रही है। यह एक कहानी है , सुंदर पलों की , जो प्रेम से , प्रेम की कलम से और प्रेम के एहसासों से लिखी जा रही है । दूर कहीं दूर एक कहानी बुनी जा रही है । लेखिका- अल्पना सिंह Top of Form Bottom of Form